*दोहे* कारण है मधुमेह का, ज्यादातर मिष्ठान। घातक मीठा-मित्र है, कड़वा मित्र सुजान।। पेड़ लगाओ साथियो, देते छांँव अपार। फूल हवा फल भी मिलें, जीवन का आधार।। स्वच्छ रखो तुम भूमि को, धरती कहे पुकार। धरती जीवन दायिनी, समझो यह सुविचार।। सूर्य चमकता हर दिवस, फैले सकल प्रकाश। महकाता संसार को, जैसे पुष्प पलाश।। कर लो देह सुडोल तुम, खा पोष्टिक आहार। पाना है सम्मान तो, सीखो शिष्टाचार।। *परमजीत सिंह "कोविद"* *"कहलूरी"* *बिलासपुर हिमाचल प्रदेश*
https://www.amazon.in/dp/8195209297/ref=olp-opf-redir?aod=1 हिमाचल के जाने माने कवि परमजीत सिंह 'कोविद' जी द्वारा लिखा "कोविद: गीतांजलि" गीत नवगीत संग्रह अब आप सभी के लिए अमेजॉन पर उपलब्ध है। इच्छुक साथी वहाँ से ले सकते हैं और यदि अमेजॉन का शिपिंग चार्ज 100 अधिक लगे तो सीधे प्रकाशक से ले सकते हैं केवल 50 रुपये डाक खर्च के साथ ..... विज्ञात प्रकाशन 9991505193 व्हाट्सएप्प पर संदेश करने के बाद अकाउंट डिटेल मिलने पर पैसे की रसीद भी वहीं भेज दें
नाम :- परमजीत सिंह "कोविद" "कहलूरी" पिता का नाम:- श्री छोटू राम माता का नाम:- श्री मती सुरेंद्रा देवी गाँव डडोह डाकघर व तहसील श्री नयना देवी जी जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश 174310 पेशा:- शिक्षक व कवि शैक्षणिक योग्यता:- एम. ए हिंदी व अर्थशास्त्र व्यवसायिक प्रशिक्षण:- बी.एड प्राप्त पुरस्कार:- 1.नवोदय क्रांति राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2.शिक्षा रत्न सम्मान 3. धरती पुत्र समान ( सत्यमेव जयते यूएसए से) 4. ग्लोबल एक्सीलेंसी अवार्ड (भव्या फाउंडेशन द्वारा) 5. राष्ट्र रत्न सम्मान (नवोदय क्रांति परिवार भारत) प्रकाशित एकल संग्रह:- 1.कोविद गीतांजलि 2. द्रोपदी का प्रतिशोध (खण्ड काव्य) 3. छंद गंगा (छंद आधारित काव्य संग्रह) 4. अनसुनी कुछ गीतिकाएंँ 5. माता श्री नयना देवी जी का चालीसा 6. दोहा सागर 7. प्रेम प्रभा (नवगीत संग्रह) प्रकाशित साझा संग्रह:-15 दूरभाष संपर्क:- 7018750401 ई-मेल :- kavikehloori09@gmail.com
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